कक्षा स्तर: 5–6
विषय: पर्यावरण अध्ययन (EVS)
इस अध्याय का अध्ययन करने के बाद विद्यार्थी—
सजीव एवं निर्जीव वस्तुओं में अंतर समझ सकेंगे।
प्राकृतिक एवं मानव निर्मित वस्तुओं की पहचान कर सकेंगे।
पर्यावरण एवं पारितंत्र (Ecosystem) की अवधारणा को समझ सकेंगे।
प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार एवं उनके महत्व को जान सकेंगे।
प्रकृति के संरक्षण की आवश्यकता को समझेंगे।
पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा प्राप्त करेंगे।
हमारा पृथ्वी ग्रह अनेक प्रकार की प्राकृतिक सुंदरताओं से भरा हुआ है। ऊँचे-ऊँचे पर्वत, बहती नदियाँ, घने जंगल, विशाल समुद्र, रंग-बिरंगे फूल, पक्षी, पशु और मनुष्य—ये सभी मिलकर हमारे प्राकृतिक संसार का निर्माण करते हैं। हमारे चारों ओर जो कुछ भी है, वही हमारा पर्यावरण कहलाता है।
कुछ वस्तुएँ प्रकृति द्वारा बनाई जाती हैं, जबकि कुछ वस्तुएँ मनुष्य अपनी आवश्यकताओं के अनुसार बनाता है। इस अध्याय में हम सजीव एवं निर्जीव वस्तुओं, प्राकृतिक एवं मानव निर्मित वस्तुओं, पर्यावरण, पारितंत्र (Ecosystem), प्राकृतिक संसाधनों तथा प्रकृति के महत्व के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।
जिन वस्तुओं में जीवन होता है उन्हें सजीव कहते हैं।
मनुष्य, पशु, पक्षी, पेड़-पौधे, कीट-पतंगे, मछलियाँ आदि सभी सजीव हैं।
✔ भोजन की आवश्यकता होती है।
✔ वे श्वसन (साँस) लेते हैं।
✔ समय के साथ बढ़ते हैं।
✔ अपने जैसे नए जीवों को जन्म देते हैं।
✔ वातावरण के अनुसार प्रतिक्रिया करते हैं।
✔ अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालते हैं।
✔ उनका एक निश्चित जीवनकाल होता है।
मनुष्य
गाय
कुत्ता
बिल्ली
पक्षी
मछली
वृक्ष
घास
तितली
सूर्यमुखी का पौधा दिनभर सूर्य की दिशा की ओर घूमता है। इसे प्रकाशानुवर्तन (Phototropism) कहते हैं।
जिन वस्तुओं में जीवन नहीं होता उन्हें निर्जीव कहते हैं।
ये न तो बढ़ती हैं, न साँस लेती हैं और न ही स्वयं चल सकती हैं।
भोजन की आवश्यकता नहीं होती।
साँस नहीं लेतीं।
स्वयं नहीं बढ़तीं।
प्रजनन नहीं करतीं।
वातावरण के प्रति प्रतिक्रिया नहीं देतीं।
जीवन चक्र नहीं होता।
पत्थर
पहाड़
जल
वायु
मिट्टी
कुर्सी
मेज
पुस्तक
पेंसिल
| सजीव | निर्जीव |
|---|---|
| जीवन होता है | जीवन नहीं होता |
| भोजन लेते हैं | भोजन नहीं लेते |
| बढ़ते हैं | नहीं बढ़ते |
| श्वसन करते हैं | श्वसन नहीं करते |
| प्रजनन करते हैं | प्रजनन नहीं करते |
हमारे आसपास की सभी वस्तुएँ या तो प्रकृति द्वारा बनाई गई हैं या मनुष्य द्वारा।
जो वस्तुएँ प्रकृति स्वयं बनाती है उन्हें प्राकृतिक वस्तुएँ कहते हैं।
सूर्य
चंद्रमा
तारे
पर्वत
नदियाँ
समुद्र
वर्षा
पेड़-पौधे
पशु-पक्षी
मिट्टी
हवा
ये वस्तुएँ बिना किसी मानव हस्तक्षेप के अस्तित्व में आती हैं।
जो वस्तुएँ मनुष्य अपनी बुद्धि और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके बनाता है उन्हें मानव निर्मित वस्तुएँ कहते हैं।
मकान
सड़क
पुल
विद्यालय
अस्पताल
मोबाइल
कंप्यूटर
कार
रेलगाड़ी
हवाई जहाज
मनुष्य लकड़ी, लोहा, पत्थर, मिट्टी तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके इन वस्तुओं का निर्माण करता है।
| प्राकृतिक | मानव निर्मित |
|---|---|
| प्रकृति द्वारा निर्मित | मनुष्य द्वारा निर्मित |
| मानव का हस्तक्षेप नहीं | मानव का परिश्रम आवश्यक |
| स्वयं अस्तित्व में आती हैं | निर्माण करना पड़ता है |
| उदाहरण: नदी | उदाहरण: पुल |
पर्यावरण वह सब कुछ है जो हमारे चारों ओर मौजूद है और जो हमारे जीवन को प्रभावित करता है।
इसमें शामिल हैं—
वायु
जल
मिट्टी
सूर्य का प्रकाश
पौधे
पशु
मनुष्य
सूक्ष्मजीव
पर्यावरण के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है।
इसमें पर्वत, जंगल, नदियाँ, समुद्र, रेगिस्तान, पौधे एवं पशु शामिल हैं।
इसमें भवन, सड़कें, पुल, कारखाने, पार्क तथा शहर शामिल हैं।
परिवार, विद्यालय, मित्र, समाज, संस्कृति और परंपराएँ सामाजिक पर्यावरण का भाग हैं।
पर्यावरण हमें—
शुद्ध वायु
स्वच्छ जल
भोजन
औषधियाँ
ऊर्जा
लकड़ी
खनिज
रहने का स्थान
प्रदान करता है।
जब वायु, जल या भूमि गंदी हो जाती है तो इसे प्रदूषण कहते हैं।
वायु प्रदूषण
जल प्रदूषण
मृदा प्रदूषण
ध्वनि प्रदूषण
वाहनों का धुआँ
कारखानों का धुआँ
प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग
पेड़ों की कटाई
गंदा पानी नदियों में छोड़ना
पारितंत्र वह प्राकृतिक व्यवस्था है जिसमें जीवित एवं निर्जीव घटक एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्य करते हैं।
उदाहरण के लिए जंगल में पेड़, जानवर, मिट्टी, जल, हवा और सूर्य का प्रकाश मिलकर एक पारितंत्र बनाते हैं।
पौधे
पशु
पक्षी
कीट
सूक्ष्मजीव
वायु
जल
मिट्टी
सूर्य का प्रकाश
तापमान
पेड़, शेर, हाथी, हिरण, पक्षी, कीट तथा सूक्ष्मजीव।
मछलियाँ, मेंढक, काई, जल पौधे तथा जल।
ऊँट, कैक्टस, साँप तथा शुष्क मिट्टी।
घास, हिरण, खरगोश तथा अन्य चरने वाले पशु।
खाद्य श्रृंखला यह बताती है कि ऊर्जा एक जीव से दूसरे जीव तक कैसे पहुँचती है।
घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज
पौधे उत्पादक (Producers) कहलाते हैं।
शाकाहारी जीव प्राथमिक उपभोक्ता होते हैं।
मांसाहारी जीव द्वितीयक एवं तृतीयक उपभोक्ता होते हैं।
जीवाणु और कवक अपघटक (Decomposers) होते हैं।
प्रकृति द्वारा प्राप्त वे सभी वस्तुएँ जिनका उपयोग मनुष्य अपने जीवन के लिए करता है, प्राकृतिक संसाधन कहलाती हैं।
जल
वायु
मिट्टी
सूर्य का प्रकाश
वन
खनिज
पेट्रोलियम
प्राकृतिक गैस
जो बार-बार उपलब्ध हो सकते हैं।
उदाहरण—
सूर्य का प्रकाश
हवा
जल
वन (यदि पुनः लगाए जाएँ)
जो लाखों वर्षों में बनते हैं और जल्दी समाप्त हो सकते हैं।
उदाहरण—
कोयला
पेट्रोलियम
प्राकृतिक गैस
खनिज
इनसे हमें—
भोजन
पेयजल
ऊर्जा
ईंधन
वस्त्र
औषधियाँ
भवन निर्माण सामग्री
प्राप्त होती है।
हमें प्राकृतिक संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग करना चाहिए।
संरक्षण के उपाय—
पानी बचाएँ।
पेड़ लगाएँ।
बिजली बचाएँ।
प्लास्टिक का कम उपयोग करें।
वर्षा जल संचयन करें।
कचरे का पुनर्चक्रण करें।
सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएँ।
प्रकृति पृथ्वी पर जीवन का आधार है। यदि प्रकृति न हो तो जीवन संभव नहीं होगा।
प्रकृति हमें—
शुद्ध वायु
स्वच्छ जल
भोजन
औषधियाँ
लकड़ी
खनिज
वर्षा
सुंदर वातावरण
प्रदान करती है।
पेड़—
ऑक्सीजन देते हैं।
कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं।
वर्षा में सहायता करते हैं।
मिट्टी के कटाव को रोकते हैं।
पक्षियों को आश्रय देते हैं।
फल, फूल और औषधियाँ प्रदान करते हैं।
पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं।
प्रत्येक विद्यार्थी को—
अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए।
पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए।
प्लास्टिक का उपयोग कम करना चाहिए।
कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालना चाहिए।
वन्य जीवों की रक्षा करनी चाहिए।
बिजली बचानी चाहिए।
Reduce, Reuse, Recycle (कम उपयोग करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें) का पालन करना चाहिए।
छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पृथ्वी को सुरक्षित बना सकते हैं।
जिन वस्तुओं में जीवन होता है उन्हें सजीव तथा जिनमें जीवन नहीं होता उन्हें निर्जीव कहते हैं।
प्रकृति द्वारा बनी वस्तुएँ प्राकृतिक और मनुष्य द्वारा बनाई गई वस्तुएँ मानव निर्मित कहलाती हैं।
पर्यावरण में हमारे चारों ओर की सभी जीवित एवं निर्जीव वस्तुएँ शामिल होती हैं।
पारितंत्र जीवित एवं निर्जीव घटकों के बीच संतुलित संबंध का उदाहरण है।
प्राकृतिक संसाधन हमारे जीवन की मूल आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
नवीकरणीय संसाधनों का पुनः उपयोग किया जा सकता है, जबकि अनवीकरणीय संसाधन सीमित हैं।
प्रकृति का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सजीव वस्तुएँ भोजन करती हैं, साँस लेती हैं, बढ़ती हैं और प्रजनन करती हैं।
निर्जीव वस्तुओं में जीवन नहीं होता।
सूर्य पृथ्वी पर ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।
पौधे उत्पादक (Producers) कहलाते हैं।
पारितंत्र में जैविक (Biotic) और अजैविक (Abiotic) दोनों घटक होते हैं।
जल, वायु, मिट्टी, वन और खनिज महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन हैं।
कोयला और पेट्रोलियम अनवीकरणीय संसाधन हैं।
वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रदूषण पर्यावरण और जीव-जंतुओं दोनों के लिए हानिकारक है।
Reduce, Reuse, Recycle (3R) का पालन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक है।
सजीव एवं निर्जीव वस्तुओं की विशेषताओं को अच्छी तरह याद रखें।
प्राकृतिक एवं मानव निर्मित वस्तुओं के उदाहरणों का अभ्यास करें।
पारितंत्र के जैविक एवं अजैविक घटकों में अंतर समझें।
खाद्य श्रृंखला (Food Chain) तथा उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक की भूमिका याद रखें।
नवीकरणीय एवं अनवीकरणीय संसाधनों के उदाहरण अवश्य याद करें।
पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर आधारित प्रश्न JNVST में अक्सर पूछे जाते हैं।
After studying this chapter, students will be able to:
Our Earth is a beautiful planet filled with mountains, rivers, forests, oceans, animals, birds, insects, and human beings. Everything around us forms part of our environment. Some things are created by nature, while others are made by humans. To understand our surroundings better, we need to know about living and non-living things, natural and man-made objects, ecosystems, natural resources, and why nature is important for life.
Studying the natural world helps us become responsible citizens who respect and protect the environment.
Everything around us can be divided into living things and non-living things.
Living things are organisms that have life. They grow, breathe, move, reproduce, respond to their surroundings, and eventually die.
A sunflower slowly turns towards the Sun during the day. This movement is called phototropism.
Non-living things do not have life. They cannot grow, breathe, reproduce, or move on their own.
| Living Things | Non-Living Things |
|---|---|
| Need food | Do not need food |
| Grow | Do not grow naturally |
| Breathe | Do not breathe |
| Reproduce | Cannot reproduce |
| Have life | Have no life |
Everything around us is either natural or man-made.
Natural things are created by nature without human involvement.
These have existed on Earth for millions of years.
Man-made things are created by humans using natural materials.
Humans use natural resources like wood, metals, stone, and petroleum to make these objects.
| Natural | Man-Made |
|---|---|
| Made by nature | Made by humans |
| No human effort | Requires human effort |
| Found naturally | Manufactured |
| Example: River | Example: Bridge |
The environment includes everything around us—both living and non-living—that affects life on Earth.
It includes:
The environment provides all the basic necessities needed for survival.
Includes forests, rivers, oceans, mountains, deserts, plants, and animals.
Includes buildings, roads, factories, bridges, and parks.
Includes family, school, friends, neighbours, customs, traditions, and society.
The environment provides:
A healthy environment is essential for healthy living.
Pollution means making the environment dirty.
Major causes include factory smoke, vehicle emissions, plastic waste, and cutting down forests.
An ecosystem is a community of living organisms interacting with one another and with their non-living surroundings.
Every ecosystem contains both living and non-living components.
Contains trees, birds, insects, wild animals, fungi, and microorganisms.
Contains fish, frogs, aquatic plants, insects, algae, and water.
Contains camels, cactus, reptiles, insects, and dry soil.
Contains grasses, deer, rabbits, insects, and grazing animals.
A food chain shows how energy passes from one living organism to another.
Example:
Grass → Grasshopper → Frog → Snake → Eagle
Plants are called producers because they make their own food.
Animals that eat plants are primary consumers.
Animals that eat other animals are secondary or tertiary consumers.
Decomposers such as fungi and bacteria break down dead organisms and return nutrients to the soil.
Natural resources are materials provided by nature that humans use for survival and development.
Examples include air, water, soil, forests, minerals, sunlight, and wildlife.
These can be replaced naturally.
Examples:
These take millions of years to form and cannot be replaced quickly.
Examples:
Natural resources provide:
Without natural resources, life would not be possible.
Conservation means using resources wisely so they remain available for future generations.
Ways to conserve resources:
Nature is the greatest gift to humanity. It supports all forms of life and keeps our planet balanced.
Nature provides:
Trees:
Every student can help by:
Small actions by many people can make a big difference.